राहुल सिसोदिया की रिपोर्ट - 

नीमच। क्षेत्र में इन दिनों भीषण गर्मी और उमस से आम जनता का हाल बेहाल है। ऐसे संवेदनशील समय में जहां अस्पतालों से राहत की उम्मीद होती है, वहीं नीमच के पटेल प्लाजा स्थित निजी 'पटेल चिकित्सालय' से संवेदनहीनता का एक बड़ा मामला सामने आया है। इलाज के नाम पर मरीजों से मोटी रकम वसूलने वाले इस अस्पताल में बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव देखा जा रहा है, जिससे मरीज और अस्पताल के कर्मचारी दोनों ही त्रस्त हैं।

 

केवल 'दिखावे' के लिए लगा है AC, अंदर वेंटिलेशन भी फेल

प्राप्त जानकारी के अनुसार, अस्पताल प्रबंधन ने रसूख और दिखावे के लिए बैठक रूम (वेटिंग एरिया) में एसी तो लगा रखे हैं, लेकिन उन्हें केवल शो-पीस बनाकर रखा गया है। अस्पताल के भीतर हवा की निकासी (वेंटिलेशन) की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है।

 

मरीजों की बढ़ी मुश्किलें: दूर-दराज से आने वाले गंभीर मरीज और उनके परिजन इस झुलसा देने वाली गर्मी में पसीने से तर-बतर होने को मजबूर हैं। पर्याप्त हवा न मिलने के कारण मरीजों को खासी तकलीफ का सामना करना पड़ रहा है।

 

कर्मचारी भी परेशान: अस्पताल की इस तानाशाही और अव्यवस्था का शिकार सिर्फ मरीज ही नहीं, बल्कि वहां काम करने वाले कर्मचारी भी हो रहे हैं। दमघोंटू माहौल में ड्यूटी करने के कारण कर्मचारियों की कार्यक्षमता और स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ रहा है।

 

 

खुद वातानुकूलित केबिन में डॉक्टर, जनता से कमा रहे लाखों

आरोप है कि अस्पताल के मुख्य संचालक डॉ. प्रकाश पटेल एवं डॉ. रश्मि पटेल खुद तो चमचमाते वातानुकूलित (AC) केबिनों में आराम से बैठते हैं और लोगों से इलाज के नाम पर लाखों रुपए की मोटी फीस वसूल रहे हैं। लेकिन जब बात मरीजों और अपने ही स्टाफ को न्यूनतम सुविधाएं देने की आती है, तो प्रबंधन आंखें मूंद लेता है।

 

अस्पताल परिसर से उठी आवाज: "इलाज के लिए लाखों रुपए खर्च करने के बाद भी अगर हमें इस तपन में तड़पना पड़े, तो यह सीधे तौर पर मरीजों का शोषण है। दिखावे के एसी किस काम के, जब वो चालू ही नहीं किए जाते?"

 

नियमों को ताक पर रख चल रहा अस्पताल!

स्वास्थ्य विभाग के नियमों के अनुसार, किसी भी निजी अस्पताल में वेंटिलेशन, शुद्ध हवा और मरीजों के बैठने की अनुकूल व्यवस्था होना अनिवार्य है। लेकिन पटेल चिकित्सालय में इन नियमों को ताक पर रख दिया गया है। लाखों की कमाई के बीच मरीजों और कर्मचारियों की इस दुर्दशा ने अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

अब देखना यह होगा कि इस अव्यवस्था और दिखावेबाजी के खिलाफ नीमच का स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन क्या ठोस कदम उठाता है।