नीमच | 23 अप्रैल 2026 जिले में बाल विवाह के विरुद्ध चलाए जा रहे सघन अभियान के तहत मनासा विकासखंड के ग्राम शिवपुरिया में प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए एक नाबालिग बालक का विवाह रुकवाया। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा एवं जिला पंचायत सीईओ अमन वैष्णव के सख्त निर्देशों के बाद, प्रशासन की टीम बारात रवाना होने से ठीक पहले मौके पर पहुँच गई।

 

जांच में नाबालिग मिला दूल्हा

जिला कार्यक्रम अधिकारी (महिला एवं बाल विकास) अधिकारी अंकिता पंड्या ने बताया कि एस.डी.एम. मनासा, किरण आंजना के मार्गदर्शन में एक विशेष दल को ग्राम शिवपुरिया भेजा गया था। टीम ने जब मौके पर पहुँचकर दस्तावेजों की जांच की, तो पाया कि बालक की आयु विवाह के लिए निर्धारित कानूनी उम्र से कम है।

 

प्रशासन की सख्त चेतावनी

प्रशासनीक दल ने त्वरित कार्यवाही करते हुए विवाह की रस्मों को रुकवाया और निम्नलिखित कदम उठाए:

 

पंचनामा: टीम ने मौके पर पंचनामा तैयार कर वैधानिक औपचारिकताएं पूरी कीं।

 

समझाइश: परिवार के सदस्यों को बाल विवाह के दुष्परिणामों और कानूनी पेचीदगियों के बारे में विस्तार से समझाया गया।

 

अनुबंध: परिवार को पाबंद किया गया कि बालक की आयु 21 वर्ष पूर्ण होने के बाद ही उसका विवाह किया जाए।

 

अधिकारियों का संदेश: टीम ने परिवार को कड़ी चेतावनी दी है कि यदि 21 वर्ष की आयु पूर्ण होने से पहले दोबारा विवाह करने का प्रयास किया गया, तो संबंधित पक्षों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।

 

सतत निगरानी जारी।

गौरतलब है कि अक्षय तृतीया और विवाह के सीजन को देखते हुए नीमच जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। जिले भर में बाल विवाह रोकने के लिए विशेष निगरानी दल गठित किए गए हैं जो सूचना मिलते ही तुरंत कार्यवाही कर रहे हैं।