नीमच | 20 अप्रैल 2026 अक्षय तृतीया के अवसर पर होने वाले संभावित बाल विवाहों को रोकने के लिए नीमच प्रशासन और विधिक सेवा प्राधिकरण ने मुस्तैदी दिखाते हुए एक बड़ी सफलता हासिल की है। शहर की गाडोलिया बस्ती में विधिक सेवा प्राधिकरण और महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त टीम ने समय रहते पहुंचकर दो नाबालिग बालिकाओं का विवाह रुकवा दिया।


गुप्त सूचना पर तत्काल एक्शन।


मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर और प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री वीरेंद्र सिंह राजपूत के निर्देशानुसार, अक्षय तृतीया पर बाल विवाह की रोकथाम हेतु विशेष निगरानी रखी जा रही थी। इसी दौरान जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री प्रवीण कुमार को गाडोलिया बस्ती में बाल विवाह की तैयारियों की गुप्त सूचना मिली।


सोमवार दोपहर लगभग 12:00 बजे श्री प्रवीण कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुँचे, जहाँ जाँच में दो नाबालिग बालिकाओं के विवाह की पुष्टि हुई।


संयुक्त दल ने की वैधानिक कार्यवाही।
मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती अंकिता पंड्या को सूचित किया गया। इसके बाद महिला एवं बाल विकास विभाग की सी.डी.पी.ओ. (शहर) श्रीमती दीपिका नामदेव, पुलिस विभाग और राजस्व विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुँची।


प्रमुख कार्यवाही बिंदु:
समझाइश: टीम ने दोनों बालिकाओं के माता-पिता और परिजनों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के कड़े प्रावधानों की जानकारी दी।
शपथ पत्र: परिजनों से लिखित शपथ पत्र लिया गया कि वे बालिकाओं की आयु 18 वर्ष पूर्ण होने से पहले उनका विवाह नहीं करेंगे।
चेतावनी: प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यदि निर्देशों का उल्लंघन हुआ, तो परिजनों के विरुद्ध कड़ी वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। 
टीम की मौजूदगी
इस संयुक्त कार्यवाही के दौरान टीम ने आवश्यक पंचनामा तैयार किया। मौके पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की टीम से पैरा लीगल वॉलिंटियर्स श्री राकेश सिंह परिहार, श्री हेमेंद्र शर्मा और श्रीमती पिंकी ठाकुर भी उपस्थित रहे।


आमजन से अपील। जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री प्रवीण कुमार ने जनता से अपील की है कि बाल विवाह एक सामाजिक कुप्रथा और कानून अपराध है। इसे रोकने के लिए समाज का हर नागरिक सहयोग करे और प्रशासन को सूचना दे।