नीमच । मध्य प्रदेश के नीमच जिले में स्थित एमपी-राजस्थान का नयागांव बॉर्डर एक बार फिर सुर्खियों में है। वजह है—आरटीओ चेकपोस्ट पर धड़ल्ले से चल रही अवैध वसूली। राज्य में जब सत्ता परिवर्तन हुआ और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कमान संभाली, तो भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के लिए सबसे पहला और बड़ा फैसला आरटीओ चेकपोस्टों को बंद करने का लिया गया था। ट्रकों से होने वाली लाखों-करोड़ों की अवैध उगाही पर रोक लगाने के लिए उठाया गया यह कदम काफी सराहा गया था।

 

लेकिन, धरातल पर हकीकत इसके बिल्कुल उलट नजर आ रही है। नयागांव बॉर्डर से हाल ही में एक ऐसा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसने प्रशासन से लेकर सत्ताधारी दल के दावों की पोल खोल कर रख दी है।

 

कोर्ट में मामला, फिर भी मैदान में 'वसूली गैंग'

गौरतलब है कि कुछ महीने पहले उच्च न्यायालय (हाईकोर्ट) द्वारा चेकपोस्टों को दोबारा खोलने का आदेश दिया गया था। लेकिन इसके तुरंत बाद एक याचिका दायर हुई, जिसके बाद इन्हें फिर से बंद करने के निर्देश दिए गए। फिलहाल यह पूरा मामला कोर्ट के अधीन है। कानूनी दांव-पेंच और पाबंदियों के बावजूद नयागांव चेकपोस्ट पर अवैध उगाही का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है।

 

दिन में नेताओं संग फोटो, रात के अंधेरे में अवैध 'धंधा'

वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कुछ निजी (प्राइवेट) लोग ट्रकों को रोककर अवैध वसूली को अंजाम दे रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इस गोरखधंधे में शामिल मुख्य चेहरे दिन के उजाले में तो बड़े-बड़े बीजेपी (BJP) नेताओं के साथ तस्वीरें खिंचवाते हैं और उन्हें सोशल मीडिया पर चमकाते हैं। लेकिन जैसे ही रात का अंधेरा होता है, ये कथित 'रसूखदार' निजी लोग चेकपोस्ट पर ट्रकों से अवैध वसूली का नेटवर्क चलाने लगते हैं।

 

 ट्रक चालकों के मुख्य सवाल!

 

इस पूरे मामले ने अब स्थानीय प्रशासन और सत्ताधारी राजनेताओं की कार्यप्रणाली को सीधे कटघरे में खड़ा कर दिया है। जनता और पीड़ित ट्रक चालकों के बीच ये 4 बड़े सवाल तैर रहे हैं:

 

1.राजनेताओं का संरक्षण क्यों? जो निजी व्यक्ति रात के अंधेरे में अवैध उगाही कर रहा है, उसकी सत्ताधारी बीजेपी नेताओं के साथ नजदीकी क्या महज इत्तेफाक है? या फिर इस काली कमाई का हिस्सा ऊपर तक जा रहा है?

 

2.प्रशासन मौन क्यों? जब मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं और मामला कोर्ट में है, तो नीमच जिला प्रशासन और आरटीओ विभाग की नाक के नीचे यह निजी लोग चेकपोस्ट पर कैसे सक्रिय हैं? क्या अधिकारियों की मूक सहमति है?

 

3.मोहन सरकार के आदेशों की अवहेलना भ्रष्टाचार मुक्त प्रदेश का दावा करने वाली मोहन सरकार के सख्त फैसलों को स्थानीय स्तर पर ठेंगा क्यों दिखाया जा रहा है?

 

4.कार्रवाई से क्यों बच रही पुलिस? वीडियो वायरल होने और सोशल मीडिया पर चेहरा बेनकाब होने के बाद भी अब तक संबंधित आरोपियों पर कानूनी शिकंजा क्यों नहीं कसा गया?

 नयागांव बॉर्डर का यह नजारा यह साफ बयां करता है कि भले ही नियम-कायदे और सरकारें बदल जाएं, लेकिन 'सिस्टम' में बैठे कुछ सफेदपोश नेताओं और भ्रष्ट प्रशासनिक अधिकारियों के कथित संरक्षण के बिना ऐसा हौसला किसी आम या निजी व्यक्ति का नहीं हो सकता। देखना होगा कि इस वायरल वीडियो और उठते सवालों के बाद क्या नीमच प्रशासन कोई सख्त कार्रवाई करता है, या फिर जांच के नाम पर इस गोरखधंधे पर पर्दा डाल दिया जाएगा।