नीमच | 20 अप्रैल 2026 मध्यप्रदेश सरकार की नई आबकारी नीति और रणनीतिक फैसलों के चलते प्रदेश की सभी 3,553 शराब दुकानों का निष्पादन सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। इस प्रक्रिया से सरकार को रिकॉर्ड राजस्व प्राप्त होने की उम्मीद है, जो तय लक्ष्यों से भी अधिक है।
राजस्व के प्रमुख आंकड़े।
आबकारी विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष का वित्तीय प्रदर्शन पिछले वर्षों की तुलना में काफी बेहतर रहने वाला है।
दुकानों से कुल रेवेन्यू: ₹18,676.80 करोड़ (पिछले साल की तुलना में 12.33% की वृद्धि)।
अन्य स्रोतों से आय: ₹1,775 करोड़ (कुल रेवेन्यू का 9.5%)।
कुल अनुमानित कलेक्शन: ₹20,481.80 करोड़।
वित्त विभाग का लक्ष्य: ₹20,279 करोड़।
विशेष: विभाग ने वित्त विभाग द्वारा निर्धारित लक्ष्य से लगभग 200 करोड़ रुपये अधिक का राजस्व जुटाने का अनुमान लगाया है।
मंत्रि-परिषद् समिति के महत्वपूर्ण निर्णय।
उप मुख्यमंत्री (वाणिज्यिक कर विभाग) की अध्यक्षता में 18 अप्रैल 2026 को आयोजित मंत्रि-परिषद् समिति की बैठक में दुकानों के आवंटन और निविदाओं (Tenders) को लेकर निम्नलिखित बड़े फैसले लिए गए।
उच्चतम ऑफर की स्वीकृति।
24वें चरण में आरक्षित मूल्य से 65% तक कम के ऑफर प्राप्त हुए थे। समिति ने निर्णय लिया कि पूर्व में होल्ड पर रखे गए ऑफर (10वें, 11वें और 21वें चरण) और वर्तमान चरण के ऑफर की तुलना की जाएगी। इनमें से जो भी उच्चतम (Highest) ऑफर होगा, उसे ही स्वीकार किया जाएगा।
कलेक्टर्स को विशेषाधिकार।
टेंडर प्रक्रिया और स्वीकृति की अवधि में अंतर होने के कारण, वार्षिक मूल्य में छूट देने के संबंध में राजपत्र की कंडिका 38.8 के तहत जिला कलेक्टर्स को अधिकृत किया गया है।
BOQ में रियायत।
आगामी चरणों में शेष दुकानों के निष्पादन के लिए ई-टेंडरिंग के दौरान 'न्यूनतम ऑफर' (BOQ) का कोई बंधन नहीं रखने का निर्णय लिया गया है, ताकि शत-प्रतिशत दुकानों का संचालन सुनिश्चित हो सके।
नीति निर्धारण के लिए समिति का गठन
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2026-27 के लिए आबकारी नीति के सुचारू संचालन और आगामी वर्षों के लिए सुझाव देने हेतु एक विशेष मंत्रि-परिषद् समिति का गठन किया गया है, जो राजस्व वृद्धि और नीतिगत पारदर्शिता पर निरंतर निगरानी रख रही है।