झगड़ा प्रथा’ का शिकार हुई दम्पत्ति, 9.5 लाख के दंड व बहिष्कार से परेशान महिला ने गटका ज़हर पढ़े पूरी खबर।
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राहुल सिसोदिया की रिपोर्ट:–
जावद। जावद के समीप ग्राम बवाल में एक चौंकाने वाली घटना सामने आ रही है। जिसमें समाज से प्रताड़ित महिला ने आत्महत्या करने का प्रयास किया। महिला लक्ष्मी पति प्रवीण रैगर ने शनिवार को समाज के व्यक्तियों से परेशान आ कर सुबह करीब 10:30 जहरीला प्रदार्थ घटक लिया जिसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल लाया गया।
समाज की दुष्नीति के चलते निजी विवाद को सामाजिक रूप दे कर लक्ष्मी वह उन के पति प्रवीण रैगर नोटिस के जरिए 6 दिसंबर को भादवमाता मंदिर में आयोजित बैठक में लक्ष्मी द्वारा दूसरी शादी करने पर पति पर 9 लाख 50 हजार से दंडित कर 14 साल के लिए समाज से बहिष्कार भी किया। समाज के पांचों ने आपत्ति जताते हुए भादवा माता में आयोजित बैठक में प्रवीण को 14 वर्षों के लिए समाज से बहिष्कार कर 9 लाख 50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया। वही प्रवीण का आरोप हे कि समाज के लोगों द्वारा उन्हें मानसिक प्रताड़ित किया जा रहा था। जिसके चलते मेरी पत्नी के जहर खा लिया। वही शिकायत करने पर आर्थिकदंड को बड़ा कर 15 लाख करने की धमकी भी दी गई।
मामले की सूचना पुलिस व प्रशासन को दी गई। परिजनों के मुताबिक लक्ष्मी ने तीन माह पहले दूसरी शादी की थी जिसके पश्चात समाज के पदाधिकारियों के द्वारा उस पर जुर्माना लगाकर समाज से बाहर करने का निर्णय सुनाया गया था। इसी तनाव के चलते उसने यह कदम उठाया। महिला की तबीयत बिगड़ने पर उसका पति प्रवीण तत्काल जिला अस्पताल ले गए जहां पर उसका इलाज जारी है। इस घटना के बाद महिला का पति प्रवीण ने समाज के पदाधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
महिला का कहता है।
समाज के पांचों द्वारा 9.50 लाख से दंडित कर 14 साल के लिया समाज से बहिष्कार कर दिया। 6 दिसम्बर को रैगर समाज के द्वारा भादवामाता मंदिर में आयोजित बैठक लक्ष्मी द्वारा दूसरी शादी किए जाने को लेकर आप्ति जताई। वही यह भी आरोप लगाया कि निजी विवाद को सामाजिक रूप दे कर ये फैसल सुनाया गया।
वही पति प्रवीण रैगर को समाज के व्यक्तियों मोहन,बलराम नि बवाल ,समाज के व्यक्तियों द्वारा धमकी भी दी गई कि यदि कोई शिकायत की तो आर्थिकदंड बड़ा कर 15 लाख कर समाज से हमेश के लिए बहिष्कार कर दिया जाएगा।
मौके पर नीमच तहसीलदार संजय मालवीय ने पहुंचकर महिला के बयान लिए।
अब देखन ये कि समाज की दुष्नीतियो पर क्या प्रशासन लगाम लगा पाएगी। या ऐसे ही समाज की दुष्नीतियो से परेशान हो कर लोगों को जान गवानी पड़ेगी।