नीमच। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य, उद्योग उन्नयन (पीएमएफएमई) योजना के तहत जिले की सभी पंचायतों में किसानों, ग्रामीणों को प्रेरित कर न्यूनतम एक-एक उद्योग स्थापित करवाए। इसके साथ ही मत्स्य विभाग इस माह जिले में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए मत्स्य पालकों का एक एफ.सी.ओ.गठित कर उन्हें मत्स्य पालन व्यवसाय से जोडे। यह निर्देश कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने गुरूवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष नीमच में ए.पी.सी.समूह, कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य पालन, पशुपालन, सहकारिता विभाग द्वारा संचालित योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की विभागवार समीक्षा करते हुए दिए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री अमन वैष्णव सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित थे।
किसानों को प्रेरित कर डिफाल्टर से बाहर निकाले
बैठक में कलेक्टर श्री चंद्रा ने जिला केंद्रीय सहकारी बैंक एवं सहकारी समितियों के डिफाल्टर किसानों को प्रेरित कर डिफाल्टर से बाहर निकालने का विशेष अभियान चलाने के निर्देश सहकारिता विभाग एवं जिला केंद्रीय बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक श्री आर.पी. नागदाको दिए। कलेक्टर ने कहा, कि डिफाल्टर किसानों को बकाया राशि जमा करने के लिए प्रेरित कर उन्हें डिफाल्टर से बाहर निकालकर सहकारिता की मुख्यधारा में लाए, जिससे, कि उन्हें केसीसी, कृषि ऋण, खाद बीज, पशुपालन सहित अन्य योजनाओं और सुविधाओं का लाभ मिल सके। कलेक्टर ने उद्यानिकी विभाग की समीक्षा में निर्देश, दिए कि फूलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को प्रमुख धार्मिक स्थलों के कलस्टर में फूलों की खेती के लिए प्रेरित कर फूल उगाने के लिए तैयार करें। आंत्रीमाता, भादवामाता क्षेत्र में इस साल 70 हेक्टेयर में फूलों की खेती का लक्ष्य रखा गया है। कलेक्टर ने मण्डी प्रांगण नीमच में किसानों की सुविधा के लिए चार और नये कियोस्क स्थापित करने के निर्देश भी मण्डी सचिव को दिए है।
बैठक में दुग्ध उत्पादन की प्रगति की समीक्षा में बताया गया, कि जिले में पांच नई दुग्ध समतियां इस माह गठित की गई है और 5 अक्रियाशील समितियों की क्रियाशील करवाया गया है। जिले में दुग्ध संकलन इस माह 17200 लीटर हो गया है। जिसे एक माह में बढाकर 18000 लीटर से अधिक करने का लक्ष्य रखा गया है।