सिंगोली( निरंजन शर्मा)। नगर के विकास का दावा जब जमीनी हकीकत से टकराता है, तो तस्वीर सिंगोली जैसी भयावह नजर आती है। विगत लंबे समय से नगरवासी जिस सिंगोली रोड कंस्ट्रक्शन का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे, अब वही निर्माण कार्य उनके लिए किसी अभिशाप से कम साबित नहीं हो रहा है। तिलस्वा मार्ग से लेकर पेट्रोल पंप तक का यह सफर अब धूल, मिट्टी और जानलेवा गड्ढों के बीच सिसक रहा है। निर्माण एजेंसी की उदासीनता ऐसी है कि काम ‘युद्ध स्तर’ के बजाय ‘कछुआ चाल’ से चल रहा है, जिसका खामियाजा रोजाना हजारों वाहन चालकों को भुगतना पड़ रहा है।

एक तरफ कुआं, दूसरी तरफ खाई जैसी स्थिति सिंगोली में चल रहे इस Singoli Road Construction ने ‘एक तरफ कुआं और दूसरी तरफ खाई’ वाली कहावत को सच कर दिया है। ठेकेदार ने सीसी सड़क निर्माण के लिए मार्ग का एक हिस्सा तो गहरा खोद दिया है, लेकिन दूसरा हिस्सा पूरी तरह जर्जर और गड्ढों में तब्दील हो चुका है। नीमच, कोटा और बूंदी जैसे प्रमुख शहरों को जोड़ने वाला यह मार्ग भारी वाहनों की आवाजाही के दबाव में जगह-जगह से धंस चुका है। हालात यह हैं कि प्रतिदिन घंटों तक यहां जाम लगा रहता है और वाहन चालक अपनी जान जोखिम में डालकर निकलने को मजबूर हैं।

निर्माण एजेंसी की लापरवाही: न संकेतक, न सुरक्षा किसी भी बड़े Singoli Road Construction प्रोजेक्ट के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य होता है, लेकिन यहाँ नियम ताक पर हैं। ठेकेदार द्वारा खोदे गए गहरे गड्ढों के पास न तो कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया है और न ही यातायात को व्यवस्थित करने के लिए कोई पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। सकरी सड़क और भारी धूल के गुबार के कारण दृश्यता कम हो जाती है, जिससे हर पल किसी बड़ी दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है। सड़क के धंसने और जाम लगने के कारण वाहन चालकों के बीच आए दिन विवाद और छोटे-मोटे झगड़े भी आम बात हो गए हैं।

आगामी 3 बड़े आयोजन: प्रशासन की चिंता बढ़ी नगर में आगामी कुछ ही दिनों में तीन अति-महत्वपूर्ण आयोजन होने वाले हैं, जिन्हें लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है। लेकिन Singoli Road Construction की मौजूदा स्थिति को देखकर यह उत्साह अब डर में बदल रहा है:

28 जनवरी: विराट हिंदू सम्मेलन के अवसर पर 5100 कलशों की भव्य शोभायात्रा।

15 फरवरी: महाशिवरात्रि पर्व पर निकलने वाली भगवान शिव की शाही सवारी।

2 से 7 अप्रैल: दिगंबर जैन मंदिर का ऐतिहासिक पंच कल्याणक महोत्सव।

इन आयोजनों में हजारों की संख्या में बाहरी श्रद्धालु और स्थानीय लोग सड़कों पर उतरेंगे। अगर समय रहते ठेकेदार की इस सुस्ती पर लगाम नहीं कसी गई और Singoli Road Construction को सुव्यवस्थित नहीं किया गया, तो इन बड़े कार्यक्रमों के दौरान भगदड़ या बड़ी दुर्घटना की स्थिति बन सकती है।

जनता की मांग और ठेकेदार की खामोशी नगरवासियों का कहना है कि उन्होंने सोचा था कि सीसी रोड बनने के बाद उन्हें धूल और कीचड़ से मुक्ति मिलेगी, लेकिन निर्माण एजेंसी की लापरवाही ने उनकी मुश्किलें दोगुनी कर दी हैं। Singoli Road Construction का काम रुक-रुक कर चलने से स्थानीय व्यापार भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। प्रशासन को चाहिए कि वह ठेकेदार की जवाबदेही तय करे और आगामी आयोजनों से पूर्व सड़क मार्ग को कम से कम चलने योग्य और सुरक्षित बनाए।

अंततः, सवाल यह उठता है कि क्या निर्माण एजेंसी और स्थानीय प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी के होने का इंतजार कर रहे हैं? या फिर समय रहते इस Singoli Road Construction के काम में तेजी लाकर आमजन को राहत दी जाएगी? नगरवासी अब ठोस कार्रवाई की उम्मीद लगाए बैठे हैं।