उदयपुर।उदयपुर के अमर विलास अपार्टमेंट में मंगलवार सुबह ऐसा वाक़या हुआ जिसने लोगों को झकझोरकर रख दिया। छठी मंजिल की रहने वाली भाग्यश्री रोज़ की तरह लिफ्ट से नीचे जा रही थीं, लेकिन अचानक किस्मत ने करवट बदली।जैसे ही उन्होंने ग्राउंड फ्लोर का बटन दबाया, लिफ्ट बेकाबू होकर तेजी से उल्टी दिशा में ऊपर भागी और सीधे सातवीं मंजिल की दीवार से जा टकराई।टक्कर इतनी जोरदार थी कि लिफ्ट की लाइट, टूटे सामान और धूल उनके ऊपर गिरने लगे। अंधेरे में घुटन भरे माहौल में भाग्यश्री लगातार मदद के लिए पुकारती रहीं, लेकिन ऊपर कोई नहीं था।ढाई घंटे तक वो अकेले डर, घुटन और बेचैनी से लड़ती रहीं।
इसी बीच किस्मत ने उनका साथ दिया—
छठी मंजिल पर से गुजर रही एक नौकरानी को हल्की-सी आवाज सुनाई दी।
वह रुकी, ध्यान लगाया और डरते-डरते दोबारा सुनने लगी।
आवाज साफ़ हुई… “कोई है… मदद कीजिए…”
नौकरानी समझ गई कि कोई मुसीबत में है। वह तुरंत नीचे दौड़ी, लोगों को बुलाया और बताया कि ऊपर से किसी की आवाज आ रही है।
लोग इकट्ठे हुए, पर समझ नहीं आ रहा था कि महिला किस मंजिल पर फंसी है।जब पता चला कि वह तो छत की मंजिल पर दीवार के पीछे कैद है, तो सबके होश उड़ गए।ड्रिल मशीन मंगाई गई,दीवार में छेद किया गया,अंदर से आ रही कमजोर आवाज ने लोगों को रास्ता बताया…अंततः सुबह 10:30 बजे, ढाई घंटे की दहशत के बाद,दीवार टूटते ही भाग्यश्री बाहर आईं—
सदमे में थीं, लेकिन जिंदा थीं।सबने राहत की सांस ली।और सच यह है—उस दिन अगर वो नौकरानी न रुकती, न सुनती, न बताती…तो शायद कहानी कुछ और होती।उसकी सतर्कता और इंसानियत के कारण आज भाग्यश्री सकुशल अपने परिवार के साथ हैं।