ग्राम पंचायत मोडी से 17 साल का रिकॉड “गायब” में जिला पंचायत अध्यक्ष सज्जन सिंह का एक्शन,सीओ को दिए 7 दिन में जांच कर कारवाही करने का आदेश। पढ़े पुरी खबर।

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राहुल सिसोदिया की रिपोर्ट:–

बढ़ सकती हे सचिव की मुसीबत,होगी कारवाही,सरकारी रिकॉड के मामले में जाना होगा जेल, होगी कारवाही।

जावद। नीमच जिले की ग्राम पंचायत मोडी में पंचायत का 17 साल का पूरा अभिलेख रिकॉर्ड रहस्यमय तरीके से गायब होने की शिकायत की गई थी। जिस पर अभी तक कोई कारवाही होते नजर नहीं आ रही है। शिकायत करता करूंलाल राठौड़ ने इस गंभीर मामले को लेकर पंचायत के खिलाफ ही मोर्च खोल रखा है। जिस की शिकायत मुख्यमंत्री मोहन यादव से ले कर सीएम हेल्पलाइफ, कलेक्टर,के बाद अब जिला पंचायत अध्यक्ष सज्जन सिंह चौहान को की। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष सज्जन सिंह चौहान ने जनपद सीओ 7 दिन का नोटिस देते हुए जांच कर कारवाही का आदेश दिया।

क्या था पूरा मामला?

उपसरपंच राठौड़ ने अपने प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया था कि ग्राम मोडी पंचायत में 1995 से 2012 तक की अवधि का संपूर्ण दस्तावेज और सार्वजनिक रिकॉर्ड गायब है। उनका आरोप है कि बिना किसी अयोग्य अधिकारी की रिपोर्ट के इन रिकॉर्ड्स को गायब कर दिया गया है और इस संबंध में आज दिनांक तक कोई कारवाही नहीं हुई।

ये रिकॉर्ड हुए गायब?

याचिका के अनुसार, गुम हुए अभिलेखों में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज़ शामिल हैं, जो पंचायत के “विशेष अधिकार” के अंतर्गत आते हैं।

जिसमें भू–अधिलेख, पट्टा बुक, प्रस्ताव रजिस्टर, उपस्थिति पंजी,ले आउट नक्शा,पंचायत स्वामित्व दुकान, आवंटन प्रोसेसिंग दस्तावेज, प्रस्ताव सहित आवश्यक शासकीय रिकॉर्ड गायब है।

उपसरपंच ने अपनी शिकायत में सबसे गंभीर आरोप लगाया है कि रिकॉर्ड गायब होने का लाभ भू-माफिया उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्राम सभा की ओर से अपनी ही जमीन पर अपना स्वामित्व सिद्ध नहीं करने का कारण बताया जा रहा है। इसका लाभ यह है कि भू-माफियाओं के खिलाफ पंचायत की जमीनों पर अवैध कब्जा किया जा रहा है और पंचायत में अभिलेखों की कमी पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। वही पंचायत द्वारा वितरित की गई दुकानों का भी कोई रिकॉड उपलब्ध नहीं है।ग्राम पंचायत मोडी से 1995 से लेकर 2012 तक पदस्त रहे रामप्रसाद परमार ने पंचायत में 18 वर्ष पद भार संभाला था। वही इनके कार्यकाल में आवंटन भूमि पर भूखंड विवादों में कई बार रिकॉर्ड न्यायालय ने तलब किया। पर 2012 में इनका स्थानांतरण केलूखेड़ा हुआ परन्तु शासकीय रिकॉर्ड से संबंधित जानकारी प्रभारी भार नहीं सौंपा गया। नहीं पूर्व सचिव द्वारा रामप्रसाद परमार ने मोड़ी पंचायत में सार्वजनिक अभिलेख नहीं रहने की सक्षम अधिकारी रिपोर्ट आज तक नहीं दी। 2012 वर्तमान पलराखेड़ा सचिव 2012से 2021तक रहे इनके कार्यकाल में भी भूखंड विवाद उत्पन्न हुए परन्तु तहसील न्यायालय में रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं हुआ और ना ही सक्षम अधिकारी रिपोर्ट दी गई। भूखंड विवादों के बाद भी संबंधित सचिव ने रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया । वही उदासीनता चलते न ही कोई करवाई की।

इस उदासीनता ने वर्ष 2022 में भूमि विवाद ने हिंसक हत्या घटना को जन्म दिया था जबकि दोनों पक्ष के पास उचित दस्तावेज थे परन्तु पंचायत के पास आवंटन भूमि से जुड़े अभिलेख नहीं था।

इस घटना में प्रशासन के द्वारा उचित कारवाई हुई, परन्तु इस घटना को जन्म देने वाले सचिव पर कोई कारवाई नहीं हुई थी। इस घटना के बाद भी प्रशासनिक एवम स्थापना शाखा नीमच की 1995से 2012तक भूमि से जुड़े अभिलेख की जांच हुई थी पर समय के साथ इन जांच फाइल को दबा दिया गया। वही मोड़ी पंचायत की संपति की चार दुकान है यह कब किसको आवंटन हुई कोई लेखा जोखा आज तक नहीं है दबंगों द्वारा अवैध किराए पर दे रखी है कई साल का राजस्व भ्रष्टाचार कर रखा है। इसके भी कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं है जिसे अभिलेख के अभाव में पंचायत भवन परिसर अपना मूल स्वरूप खो चुका है शासकीय रिकॉर्ड गायब के कारण संस्था अपनी भूमि संपति निर्माण इमारतें नहीं बचा पा रही हैं। जिस पर अभी तक प्रशासन के उच्च अधिकारी आंख मंद कर बैठा है। हत्या जैसी हिंसक घटना के बाद भी आज तक कोई कारवाही नहीं हुआ। अब देखन ये कि क्या प्रशासन के उच्च अधिकार इस पर कोई कार्रवाई करते हैं। पंचायत की संवैधानिक व्यवस्थाओं में हुआ भ्रष्टाचार के खिलाफ कोई कारवाही होगी या यही भी महज एक कागज का टुकड़ा बन कर रह जाएगा।

इन का कहना है।

ग्राम पंचायत मोडी से 1995 से लेकर 2012 रिकॉड गायब होने की शिकायत प्राप्त हुई है। जिस पर संबंधित अधिकारी जनपद सीओ को नोट्स भेजा गया,7 दिन में जांच कर कारवाही के आदेश दिए हैं। जल्द ही जांच कर कारवाही की जाएगी। जो भी अधिकारी या कर्मचारी इस अभिलेख को गायब करने के दोषी हैं, उन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्जी कर जेल भेजा जाएगा।

सज्जन सिंह चौहान,जिला पंचायत अध्यक्ष 

इन का कहना है।

शिकायत प्राप्त हुई थी। जिस में जांच कर जिला कलेक्टर महोदय को प्रतिवेदन बना कर भेज दिया गया है। जल्द ही कारवाही की जाएगी।

जनपद सीईओ,जावद

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