अभी बंद कर दूंगा तो सारी वकालत निकल जाएगी.. वकील पर रौब झाड़ फंसे थाना प्रभारी, HC के संज्ञान पर हुए सस्पेंड, पढ़े पूरी खबर।

Spread the love

राहुल सिसोदिया की रिपोर्ट:–

जोधपुर: जोधपुर में एक वकील और थाना प्रभारी के बीच हुई तीखी बहस का मामला तूल पकड़ गया है। यह घटना कुड़ी भगतासनी हाउसिंग बोर्ड पुलिस थाने में हुई, जब एक दुष्कर्म पीड़िता के बयान लिए जा रहे थे। इस घटना के विरोध में वकीलों ने आंदोलन शुरू कर दिया है और 2 दिसंबर को न्यायिक कार्य का बहिष्कार कर दिया। यह कोई पहला मामला नहीं जब पुलिस प्रशासन द्वारा अभद्र व्यवहार की घटना सामने आई हो। पुलिस के अभद्र व्यवहार से आम नागरिकों को अच्छी खासी समस्या का सामना करना पड़ता है।

जोधपुर: राजस्थान के जोधपुर में एक थाना प्रभारी और वकील के बीच जमकर तीखी बहस हो गई। इस घटना को लेकर अब बवाल खड़ा हो गया है। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह वीडियो जोधपुर के कुड़ी भगतासनी हाउसिंग बोर्ड पुलिस थाने का है, जहां पुलिस एक दुष्कर्म पीड़िता के बयान ले रही थी, लेकिन आरोप है कि बयान लेने वाला पुलिस कमी बिना वर्दी के था। इस पर एडवोकेट भरत सिंह राठौड़ ने सवाल उठाया, तो थाना प्रभारी ने अपना रौब झाड़ दिया। इस पर सीआई ने कहा कि वकील है, तो क्या हुआ अभी 151 में बंद कर दूंगा, सारी वकालत निकल जाएगी। इस दौरान वकील को धक्का भी मारा। इधर, वकीलों ने इस घटना के विरोध में आंदोलन शुरू कर दिया है। इस घटना पर हाई कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए रिपोर्ट तलब की तो एसपी ने एसएचओ को सस्पेंड कर दिया।

बिना वर्दी में पीड़िता का बयान लेने पर जताई आपत्ति। 

दरअसल, यह मामला दुष्कर्म पीड़िता से जुड़ा हुआ है, जब एडवोकेट भरत सिंह राठौड़ और एक महिला एडवोकेट सोमवार को पुलिस थाने पहुंचे, जहां पुलिस थाने में एक पुलिसकर्मी बिना वर्दी में बयान ले रहा था। इस पर एडवोकेट ने आपत्ति जताई और पुलिसकर्मी की वर्दी को लेकर सवाल किया। इस बीच थाना प्रभारी हमीर सिंह से वकील की तीखी बहस शुरू हो गई। इस बीच आक्रोशित हुए थाना प्रभारी ने एडवोकेट भरत सिंह राठौड को बंद करने की धमकी देकर धक्का मारकर ले जाते नजर आए।

थाना प्रभारी और वकील के बीच यह हुई बहस। 

वीडियो में वकील भरतसिंह राठौड़ पुलिसकर्मी से सवाल किया कि, वह वर्दी में क्यों नहीं हैं और थाने में ड्यूटी पर होते हुए बिना यूनिफॉर्म कैसे बैठे हैं? इस पर थानाधिकारी हमीरसिंह कहते नजर आएं कि तुझे क्या करना है? तू वीडियो क्यों बना रहा है, बंद कर इसे। इस पर भरतसिंह राठौड़ कहते हैं कि वीडियो बनाना मेरा अधिकार है, मैं वकील हूं, मुझे कानून पता है। इस पर सीआई भड़कते हुए कहते है कि वकील है तो क्या हुआ, ज्यादा नेतागिरी मत कर, अभी 151 में बंद कर दूंगा, सारी वकालत निकल जाएगी।

इस बीच महिला वकील के विरोध करने पर सीआई कहते हैं कि लीगल-वीगल सब यहीं रह जाएगा। इसको 151 में बंद करो, शांतिभंग कर रहा है। दुर्व्यवहार क्या होता है अब बताऊंगा, बाहर निकालो इनको।

वकीलों ने 2 दिसंबर को न्यायिक कार्य का किया बहिष्कार। 

इधर, मामले की सूचना मिलती ही एडवोकेट्स पुलिस थाना परिसर पहुंच गए। जहां नारेबाजी करते हुए धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। वकील एडवोकेट भरत सिंह राठौड़ और अन्य के साथ पुलिस के कथित अभद्र व्यवहार पर थाना प्रभारी और अन्य पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करने की मांग पर अड़े हुए है। इधर, राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स संगठन और राजस्थान हाई कोर्ट लॉयर्स एसोसिएशन की संयुक्त बैठक में 2 दिसंबर को न्यायिक कार्य का बहिष्कार कर दिया।

इधर, मामले का बवाल बढ़ने पर जोधपुर पुलिस कमिश्नर ने स्पष्टीकरण जारी किया कि इस मामले में किसी भी वकील को गिरफ्तार नहीं किया गया है। साथ ही इस मामले की जांच एडिशनल डिप्टी कमिश्नर पश्चिम को सौंपी गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *