चश्मा उतारो साहब पंचायत की संवैधानिक व्यवस्थाओं में हुआ भ्रष्टाचार दिखेगा पढ़े पूरी खबर।

Spread the love

राहुल सिसोदिया की रिपोर्ट:–

ग्राम पंचायत मोडी से 17 साल का रिकॉर्ड ‘गायब’, उपसरपंच ने सीएम से की शिकायत, भू-माफिया को संरक्षण देने और कब्जा करने का आरोप।

आवेदन की माला पहनकर उपसरपंच ने किया विरोध प्रदर्शन।

 

 नीमच। मध्य प्रदेश के नीमच जिले की ग्राम पंचायत मोडी का मामला सामने आया है, जहां पंचायत का 17 साल का पूरा अभिलेख रिकॉर्ड रहस्यमय तरीके से गायब हो गया है। इस गंभीर मामले को लेकर पंचायत के ही उपसरपंच ने मोर्चा खोला है।

ग्राम मोडी पंचायत के उपसरपंच कर राठौड़ ने आज 18 नवंबर को कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री मोहन यादव के नाम एक सीधे तौर पर इस मामले की शिकायत की है।

पूरा मामला क्या है?

उपसरपंच राठौड़ ने अपने प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि ग्राम मोडी पंचायत में 1995 से 2012 तक की अवधि का संपूर्ण दस्तावेज और सार्वजनिक रिकॉर्ड गायब है। उनका आरोप है कि बिना किसी अयोग्य अधिकारी की रिपोर्ट के इन रिकॉर्ड्स को गायब कर दिया गया है और इस संबंध में आज तक कोई रिपोर्ट या जांच नहीं की गई है।

कौन-कौन से रिकॉर्ड हैं गायब?

याचिका के अनुसार, गुम हुए अभिलेखों में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज़ शामिल हैं, जो पंचायत के “विशेष अधिकार” के अंतर्गत आते हैं।

जिसमें भू–अधिलेख, पट्टा बुक, प्रस्ताव रजिस्टर, उपस्थिति पंजी,ले आउट नक्शा,पंचायत स्वामित्व दुकान, आवंटन प्रोसेसिंग दस्तावेज, प्रस्ताव सहित आवश्यक शासकीय रिकॉर्ड गायब है।

भू-माफिया सक्रिय होने से रिकार्ड गायब हो गया।

उपसरपंच ने अपनी शिकायत में सबसे गंभीर आरोप लगाया है कि रिकॉर्ड गायब होने का लाभ भू-माफिया उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्राम सभा की ओर से अपनी ही जमीन पर अपना स्वामित्व सिद्ध नहीं करने का कारण बताया जा रहा है। इसका लाभ यह है कि भू-माफियाओं के खिलाफ पंचायत की जमीनों पर अवैध कब्जा किया जा रहा है और पंचायत में अभिलेखों की कमी पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।

सीएम हेल्पलाइन पर नहीं हुई सुनवाई।

उपसरपंच राठौड़ ने बताया कि इस संबंध में 2020 से शिकायत करते आ रहे हैं।, लेकिन “विभाग” के अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने सीएम पर दर्ज याचिका (क्रमांक 33519422) का भी जिक्र किया, जिसे 50 बार अपडेट करने के बावजूद “गलत सत्यापन” के साथ बंद कर दिया गया और कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

जगदीश की हत्या का कारण बना प्लांट जिसकी पंचायत में रिकॉर्ड ही नहीं।

जगदीश की हत्या का कारण मोडी गांव में स्थित 1200 स्क्वायर फीट का प्लांट था इस बारे में पुलिस वह राजस्व विभाग में शिकायत हुई थी जमीनी पंचायत की होने के कारण राजस्व विभाग मे इसकी जानकारी नहीं थी पुलिस ने मामला पंचायत में भेजा तो वहां भी 1995 की इस जमीन का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं था जमीन की रजिस्ट्री मृत्यु की बहू कृष्णा जायसवाल के नाम पर है मृत्यु के बेटे मुकेश जायसवाल ने बताया कि 1 साल से पदम सिंह वह रघु नाथ जमीन हथियाने के लिए विवाद कर रहे थे पिता को जान से मारने की धमकी दी थी पुलिस समय पर आरोपी पर कार्यवाही करती तो आज मेरे पिता जिंदा होते।

उपसरपंच ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि इस गंभीर मामले को स्मरण पत्र में लेकर संपूर्ण अभिलेखों की उच्चस्तरीय जांच की जाए और जो भी अधिकारी या कर्मचारी इस अभिलेख को गायब करने के दोषी हैं, उन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

इन का कहना है।

शिकायत प्राप्त हुई है। जिस में जांच चल रही है। उस समय कौन कौन सचिव आए हैं। चार्ट शीट की हैंडोवर टेकओवर की सूची मांगी गई है। जैसे ही प्राप्त होती है। प्रतिवेदन बना कर कलेक्टर साहब को भेजा जाएगा। अभी जांच चल रही है। जल्द ही निराकरण हो।

जनपद सीईओ,जावद

अब देखना ये कि क्या जिला कलेक्टर हिमांशु चंद्रा इस पर क्या कारवाही करते है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *