रिकॉर्ड गायब होने का आरोप: पंचायत ग्राम मोडी के उपसरपंच ने जनसुनवाई में की शिकायत नीमच, मध्य प्रदेश पढ़े पूरी खबर।
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राहुल सिसोदिया की रिपोर्ट:–
जावद।जावद के समीप ग्राम पंचायत के उपसरपंच कारूलाल राठौड़ ने अपनी पंचायत के खिलाफ वर्ष 1995 से लेकर 2012 तक सभी सार्वजनिक रिकॉर्ड के गायब होने का गंभीर आरोप लगाया है। इस संबंध में उन्होंने जिला मुख्यालय पर आयोजित जनसुनवाई में एक विस्तृत याचिका प्रस्तुत की है, जिसमें भू–अधिलेख, पट्टा बुक, प्रस्ताव रजिस्टर, उपस्थिति पंजी,ले आउट नक्शा,पंचायत स्वामित्व दुकान, आवंटन प्रोसेसिंग दस्तावेज, प्रस्ताव सहित आवश्यक शासकीय रिकॉर्ड गायब है। जिसमें संबंधित सचिव ,सरपंच संबंधित व्यक्तियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
क्या है मामला?
ग्राम पंचायत मोडी के उपसरपंच कारूलाल राठौड़ ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि वे पूर्व में भी 2020 से शिकाया कर रहे है।जिस पर अभी तक कोई कारवाही होते दिखाई नहीं दे रही । उन्होंने बताया कि पंचायत ग्राम मोडी में वर्ष 1995 से लेकर 2012 तक की अवधि के संपूर्ण अभिलेख/सार्वजनिक अभिलेख/अभिलेख गायब हे जिस की शिकायत सीएम हेल्प लाइन पर भी की। वही दस्तावेज गायब होना, या छेड़छाड़ करना कानूनी अपराध की श्रेणी में आता हैं। जिसे में जिले के अधिकारीयो की मिली भगत दर्शाता है।
प्रतिवर्ष ऑडिट रिपोर्ट की लेखापरीक्ष होती है। जिस में अधिकारियों द्वारा दस्तावेज की जांच होती है। 17 साल पुरान रिकॉड गायब होने पर भी अधिकारियों ने कोई एक्शन नहीं लिया। वही राजस्व अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज करनी चाहिए। जो आज तक नहीं हुआ।
शिकायतकर्ता ने दावा किया कि इन अभिलेखों के गायब होने की शिकायत उन्होंने पूर्व सीएम हेल्प लाइन पर भी दर्ज की थी (शिकायत रैंक 33519422), लेकिन इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
रिकॉर्ड गुम होने के गंभीर परिणाम
उपसरपंच ने अपनी याचिका में बताया कि रिकॉर्ड गायब होने के कारण कई प्रकार के कानूनी और अवैध बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं।
2020 से कर रहे हे शिकायत नहीं हुई कारवाही: उन्होंने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन से वर्ष 2020 की गायब होने की जानकारी दर्ज की गई है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
कानूनी विवाद: सभी दस्तावेजों के गायब होने के कारण, वर्ष 2020 में एक आम सहमति के भूखण्ड के आवेदन पर भी भूमि रिकॉर्ड कार्यालय से प्रमाणित जानकारी के अधिकार अधिनियम के तहत मांगे जाने पर उन्हें यही जवाब मिला कि रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं हैं।
विकास प्रभावित कार्य: अभिलेखों के अंतराल में प्रत्येक सरपंच, पंचायत और ग्राम पंचायत के दैनिक कार्य संचालन और विभिन्न नामांकन के कार्यान्वयन में गंभीर परिवर्तन हुआ है। वही लाखों का खेल भी खेला गया।
हिंसक घटना: रिकॉर्ड्स की गैरमौजूदगी के कारण साल 2022 में भूखण्ड विवाद के चलते एक हिंसक घटना हुई थी, संबंध में कोर्ट में मामला विचाराधीन है।
उपसरपंच कारूलाल राठौड़ ने जिला प्रशासन से अनुरोध किया है कि इस मामले के गंभीरता से लेते हुए जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई दर्ज की जाए और अभिलेखों को बरामद करने का प्रयास किया जाए।
सम्बन्धित व्यक्तियों पर एफआईआर दर्ज की जाए। अब देखना ये कि जिला कलेक्ट महोदय इस मामले में क्या कारवाही करते है।
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