राहुल सिसोदिया की रिपोर्ट:–
जावद। जावद क्षेत्र के निवासी सुनील माली ने नीमच पुलिस अधीक्षक (SP) को एक शिकायती पत्र सौंपकर जावद थाना प्रभारी विकास पटेल पर पद के दुरुपयोग और गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि थाना प्रभारी उन्हें झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देकर मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
सुनील माली द्वारा सौंपे गए शिकायती पत्र के अनुसार, उनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, इसके बावजूद थाना प्रभारी द्वारा उन्हें 'गलत नोटिस' जारी किया गया है। सुनील का दावा है कि उन्होंने पूर्व में पुलिस को मिट्टी और रेत के डंपरों से अवैध वसूली करते हुए देखा था, जिसके कारण थाना प्रभारी उनसे व्यक्तिगत रंजिश रख रहे हैं।
शिकायत में लगाए गए मुख्य आरोप:
अवैध वसूली की मांग: पीड़ित का आरोप है कि थाना प्रभारी उनसे रुपयों की मांग कर रहे हैं और न देने पर बार-बार डरा-धमका रहे हैं।
झूठे केस का डर: शिकायत में कहा गया है कि थाना प्रभारी किसी भी समय उन पर कोई झूठा प्रकरण दर्ज कर सकते हैं। सुनील ने आशंका जताई है कि यदि भविष्य में उन पर कोई केस होता है, तो वह पुलिस की मिलीभगत और साजिश का परिणाम होगा।
प्रतिष्ठा को ठेस: पीड़ित के अनुसार, बिना किसी अपराध के नोटिस जारी होने से समाज में उनकी प्रतिष्ठा को भारी नुकसान पहुंचा है।
कड़ी कार्रवाई की मांग
सुनील माली ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि थाना प्रभारी के खिलाफ IPC की धारा 166, 167, 211 और 220 के तहत मामला दर्ज कर जांच की जाए। साथ ही, उनके खिलाफ जारी किए गए गलत नोटिस को तत्काल निरस्त करने की गुहार लगाई है।
फिलहाल, इस मामले में उच्च अधिकारियों की ओर से आधिकारिक बयान आना बाकी है, लेकिन इस शिकायत ने स्थानीय पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जिस में जावद थाना प्रभारी से बात करने की कोशिश की पर संपर्क नहीं हो पाया।