जावद: पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की स्मृति में दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि पढ़े पूरी खबर।

Spread the love

राहुल सिसोदिया की रिपोर्ट:–

जावद।भारत रत्न, पूर्व प्रधान मंत्री स्वर्गीय श्री लाल बहादुर शास्त्री जी की स्मृति के अवसर पर स्थानीय बस स्टैंड स्थित शास्त्री संप्रदाय पर एक गरिमामयी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान उपस्थित कांग्रेस के मित्रों और शिक्षकों ने शास्त्री जी की मूर्ति पर उन्हें भावभीनी पूर्णिमा की उपाधि दी।

संघर्ष और साहस का प्रतीक रहा शास्त्री जी का जीवन कार्यक्रम को दौरान युवा नेता मनोज झारिया ने प्रकाश डालते हुए शास्त्री जी के जीवन संघर्षों को दर्शाया। उन्होंने बताया कि शास्त्री जी का बचपन अत्यधिक गरीबी में बीता, लेकिन वे कभी भी अपने सिद्धांतों पर सहमत नहीं हुए।

क्रांतिकारी यात्रा: 1921 में असहयोग आंदोलन के दौरान गांधीजी के साथ जेल गये थे।

कुशल नेतृत्व: पंडित नेहरू के निधन के बाद देश के दूसरे प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने देश की कमान के खिलाफ कठोर निर्णय लिया।

ऐतिहासिक विजय: 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में शास्त्री जी ने सेना को खुली छूट, दुश्मनों को धूल चटाई।

अमर नारा: उन्होंने ‘मारो मत, मारो’ और ‘जय जवान-जय किसान’ का नारा देकर पूरे देश में राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया।

कार्यक्रम में ये रहे अतिथि

राजेश राठौड़ (मंडलम अध्यक्ष)

पंकज ऐरन (सेवादल प्रवक्ता)

विजय तिवारी (सेक्टर अध्यक्ष)

शौकीन पटेल (नगर कांग्रेस अध्यक्ष)

मनोज झरिया (युवा नेता)

साथ ही कमलेश पंचोली, फजल नबी छिपा, शौकीन धाकड़, युवराज जरिया, सुधीर सेन, मनीष नामदेव समेत बड़ी संख्या में सभी कलाकार शामिल थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *