ब्रेकिंग न्यूज़: सरकारी बैन के बावजूद नीमच में धड़ल्ले से चल रहे सट्टा ऐप्स; सटोरियों को ‘प्रशासनिक संरक्षण’ के आरोप पढ़े पूरी खबर।
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नीमच। एक तरफ भारत सरकार ऑनलाइन सट्टेबाजी (Betting) ऐप्स पर सख्ती बरतते हुए प्रतिबंध लगा रही है और प्रमोटर्स पर कार्रवाई के आदेश दे रही है, वहीं दूसरी तरफ नीमच जिले में सटोरियों का यह अवैध कारोबार बिना किसी रुकावट के फल-फूल रहा है। सूत्रों के अनुसार, इस पूरे गोरखधंधे को स्थानीय प्रशासन और राजनेताओं के कथित ‘समर्थन’ से चलाए जाने की खबरें सामने आ रही हैं।
सरकारी सख्ती बेअसर: दुबई तक फैला कारोबार
बेटिंग ऐप्स पर पूर्ण प्रतिबंध लगने और इनफ्लुएंसर्स पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी के बावजूद, सटोरिए बेखौफ होकर काम कर रहे हैं। इस मामले में आशीष कनौजिया नामक एक ‘उभरते’ सटोरिए का नाम सामने आ रहा है। सूत्रों का दावा है कि कनौजिया पिछले कई समय से सट्टे का कारोबार कर रहा है और उसकी पहुँच नीमच से लेकर दुबई तक है।
“जल्दी अमीर बनने के लालच में बेटिंग ऐप्स चलाने वाला यह व्यक्ति नई पीढ़ी को ऐसे दलदल में धकेल रहा है, जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। सट्टे की लत के कारण कई युवक अपनी जान गंवा चुके हैं।”
गरीबों के खाते ‘किराए’ पर, सटोरिए सुरक्षित
सट्टे के इस कारोबार को चलाने के लिए पैसों के आदान-प्रदान हेतु बैंक खातों की आवश्यकता होती है। सटोरिए इसका फायदा उठाकर भोले-भाले लोगों को कुछ पैसों का लालच देकर उनके खाते ‘किराए’ पर ले लेते हैं और उनका पूरा एक्सेस (पहुँच) हासिल कर लेते हैं।
जब ये खाते अवैध लेनदेन के कारण बंद या फ्रीज हो जाते हैं, तो खाताधारक (गरीब और भोली-भाली जनता) को पकड़ा जाता है, जबकि असली सटोरिए सुरक्षित बच निकलते हैं।
पुलिस-प्रशासन पर गंभीर सवाल
सबसे गंभीर आरोप यह है कि इतने बड़े अवैध कारोबार की जानकारी होने के बावजूद पुलिस प्रशासन ने आशीष कनौजिया पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं की है।
सूत्रों के अनुसार, यह पूरा कारोबार पुलिस प्रशासन की कथित मिलीभगत से चलाया जा रहा है। एक तरफ जहाँ छोटे सटोरियों को जेल भेजा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर आशीष कनौजिया जैसे बड़े संचालकों को प्रशासन बचाते हुए दिखाई दे रहा है।
नीमच जिले के ईमानदार एसपी से जनता का सवाल है कि क्या इन सटोरियों पर नकेल कसी जाएगी या यह अवैध कारोबार प्रशासनिक मेहरबानी या लापरवाही के साए में यूँ ही चलता रहेगा?